what is earthing in hindi में जाने Earthing की important जानकारी

आज इस आर्टिकल में हम earthing hindi meaning के साथ जानेंगे what is earthing in hindi याने अर्थिंग क्या होता है? अर्थिंग क्यों जरुरी होता है? साथ ही earthing कितने प्रकार की होती है? और कैसे की जाती है? यह भी जानेंगे। दोस्तों, पोस्ट को पूरा पढ़ें यह जानकारी आप सभी के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम है संदीप और मैं एक इलेक्ट्रीशियन हूँ। sandipdhore.com के माध्यम से आप के सामने इलेक्ट्रिकल से जुडी जानकारी के साथ मेरे अनुभवों को आसान शब्दों में व्यक्त करने की कोशिश करता हूँ।

what is earthing in hindi
what is earthing in hindi

 

earthing क्या है? – what is earthing in hindi

किसी भी इलेक्ट्रिकल उपकरण, मशीन या सिस्टीम को  Electrode के माध्यम से जमीन से जोड़ना अर्थिंग कहलाता है। यह सुरक्षा की दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है।

earthing hindi meaning :- जब कभी किसी मशीन या सिस्टम में इलेक्ट्रिकल फाल्ट होता है। तब अर्थिंग की मदद से ही इलेक्ट्रिकल एनर्जी जमीन के अंदर चली जाती है, जमीन का वोल्टेज शून्य माना जाता है,  इसलिए  Electrode के माध्यम से जमीन से जोड़ देने पर इसका वोल्टेज भी शून्य हो जाता है। जो शॉक लगने के खतरे को कम कर देता है, या कहे की अर्थिंग हमारे जान जोखिम को कम कर देता है, और हमें सुरक्षा प्रदान करता है।

Earthing के फायदे – benefits of earthing in hindi

  • जब किसी उपकरण, मशीन या सिस्टम के बाहरी भाग पर  किसी फाल्ट कंडीशन की वजह से करंट जाता है। तो अर्थिंग के कारण वह करंट या विद्युत धारा सीधे अर्थ वायर के रास्ते जमीन में चला जाता है। जिससे उसके बाहरी वाले भाग में करंट धारा जीरो हो जाता है और बिजली का झटका लगने से बच जाता है।
  • जब हम वैद्युत उपकरणों का अर्थिंग करते हैं तो विद्युत सिस्टम में लगे लीकेज रिले, फ्यूज, एमसीबी(MCB) आदि अच्छे ढंग से काम करता है और विद्युत सप्लाई को ट्रिप करा देता है।
  • साथ ही हमारे घर या सम्बन्धित क्षेत्रों में मौजूद अर्थिंग बिल्डिंग को बारिश के समय गिरने वाली बिजली से भी बचाता है।

Earthing कितने प्रकार की होती है

types of earthing in hindi (अर्थिंग के प्रकार)

  1. Rod Earthing (रॉड अर्थिंग)
  2. Pipe Earthing (पाइप अर्थिंग)
  3. Plate Earthing (प्लेट अर्थिंग)
  4. Coil Earthing (कॉइल अर्थिंग)

Rod Earthing

रॉड अर्थिंग का उपयोग मॉइस्चर(Moisture) वाली जगह पर होता है। ऐसी जगहों पर काफी गहराई तक अर्थिंग करनी होती है। और गहराई ज्यादा होने के कारण हम इस अर्थिंग में रोड का उपयोग करते है, इसलीए इस अर्थिंग को rod earthing कहते है।

इसमें 12 Mm की एक तांबे की रोड को धरती में गाड़ दिया जाता है। तांबे की रोड को बिना गड्ढा खोद दे Pneumatic Hammer की मदद से सीधा धरती में गाड़ दिया जाता है। और इस से अर्थिंग वायर को जोड़ दिया जाता है ।

Pipe Earthing

पाइप अर्थिंग सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली अर्थिंग होती है, इस अर्थिंग के अंदर हम पाइप का उपयोग करते है। इस अर्थिंग के लिए कम से कम 1 या डेड इंच  के लोहे की पाइप का इस्तेमाल किया जाता है और इसकी लंबाई कम से कम 8 से 9 फुट होती है यह अर्थिंग का सब से ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका है।

इस तरीके में पाइप को नमी वाली जगह में 8 से 9 फुट नीचे गाढ़ दिया जाता है।और पाइप के चारो तरफ नमक और कोयला डालकर इसे ढक दिया जाता है और इससे अर्थिंग की तार को जोड़ दिया जाता है।

Plate Earthing

प्लेट अर्थिंग को सबसे अच्छी अर्थिंग कहा जाता है। पावर स्टेशन और सबस्टेशन में plate earthing का ही उपयोग करा जाता है। यह अर्थिंग उस जगह उपयोग की जाती है, जहाँ पर काफी ज्यादा मात्रा में करंट फ्लो होता है (मतलब जिस जगह लोड काफी ज्यादा है)

प्लेट अर्थिंग सिस्टम में एक कॉपर की प्लेट होती हैं ।इस तांबे की प्लेट को धरती में 7 से 8  फीट नीचे दबा दिया जाता है। और यह प्लेट नमी वाली जगह में लगाई जाती है, और साथ में कोयला और नमक डाला जाता है ताकि अर्थिंग अच्छा हो।

Coil Earthing

कॉइल अर्थिंग काफी कम देखने को मिलती है। इस earthing में G.I. वायर से बनी कॉइल का इस्तेमाल किया जाता है, इस अर्थिंग का उपयोग ज्यादातर रेलवे ओर इलेक्ट्रिकल पोल में करा जाता है।

Earthing करने के लिए सामान

अर्थिंग करने के लिए हमें इन चीजों की जरूरत पड़ेगी जिसके नाम नीचे दिए गए हैं।

  • GI पाइप
  • Earth Electrode
  • कोयला
  • नमक
  • नट बोल्ट + वाइसर

अपने घर पर अर्थिंग कैसे करें – earthing for home

अपने घर में अर्थिंग करने से पहले आप को सबसे पहले नमी वाली जगह देखनी है जहाँ आप को  2 × 2 फीट आकार का गड्ढा खोदना है जिस की गहराई कम से कम 10 फीट होनी चाहियें। इस के बाद आप को एक GI पाइप लेना है, जो 6 से 7 फीट लम्बा हो और कम से कम 1 या डेड इंच मोटा हो। और इस GI पाइप के बिच बीच में आप को छेद करने होंगे। यह पाइप नीचे से तिरछा कटा हुआ होना चाहिए।

इसके बाद GI पाइप को अर्थ इलैक्ट्रोड की पाइप के साथ में जोड़ना होगा ताकि हम GI पाइप को जमीन के अंदर नमी रखने के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। अब इन दोनों पाइप को गड्ढे में लगा दीजिए।

इलैक्ट्रोड की पाइप के अंदर आपको एक छेद करना है और उसके अंदर आपको 1 Net Bolt व  वाइसर लगाना है जिससे हम अपने अर्थिंग की तार को जोड़ना है, और अर्थिंग वायर को इस नट बोल्ट व वाशर की मदद से अच्छी तरह से पाइप के साथ जोड़ना है। ध्यान रहे अर्थिंग तार पाइप से अच्छी तरह से जुडी हुई हो।

फिर आपको गड्ढे के अंदर नमक और कोयला डालना है. आप को नमक और कोयला कम से कम 10 – 10 किलो के करीब डालना है। और आप को एक साथ नमक या एक साथ कोयला नहीं डालना है पहले आप को थोड़ा नमक फिर उसके ऊपर थोड़ा कोयला और फिर से नमक और फिर से कोयला ऐसे करके आपको परत बनानी है बाकी कोयला और नमक आपस में मिल सके।

आधा नमक और कोयला डालने के बाद में आपको इसके ऊपर हल्का हल्का पानी डालना है ताकि नमक और कोयला अच्छे से जम जाए। और फिर से नमक और कोयला डालना शुरु कर दें जैसे पहले परत के ऊपर परत बनाई थी।

अब गड्ढे में मिट्टी भर दे.  लेकिन जो हमारी अर्थिंग की तार है उसे आप एक अलग पतले प्लास्टिक के पाइप की मदद से बाहर निकाल ले। ताकि मिट्टी का असर हमारी अर्थिंग वायर के ऊपर ना हो।

अर्थ इलैक्ट्रोड की पाइप  को थोड़ा सा बाहर रख कर। उसमें पानी डालें और उसे पूरा भर दें और फिर उसके चारों तरफ ईटें लगा कर सीमेंट कंक्रीट से पक्का कर दें और ताकि उसके ऊपर ढक्कन लगाया जा सके। और यह पाइप पानी का भरने के बाद में इस गड्ढे को ढक दे।

अपने घर की अर्थिंग कैसे चेक करें – eaarthing check for home

यह सबसे आसान तरीका है। इस के लिए आप को एक टेस्ट लैंप की आवश्यकता होती है, टेस्ट लैंप के लिए आपको केवल एक बल्ब की जरूरत है जो होल्डर में फिक्स हो। शुरू करने से पहले चेक कर लें कि होल्डर के वायर कहीं से ब्रेक नहीं हुए हैं। इसके बाद लैंप टेस्टसे चेक करना शुरू करें।

सब से पहले घर के किसी भी इलेक्ट्रिक बोर्ड के 3 पिन सॉकेट का चयन करें। और होल्डर के दोनों तारों में से एक वायर फेज में और दूसरा न्यूट्रल में टच करें।  फ्फेज और न्यूट्रल के छेदों में वायर डालते ही बल्ब शुरू हो जायेगा तब बल्ब की रोशनी को देखें। इस समय आपका बल्ब अपनी पूरी रोशनी दे रहा होगा।

अब आप को इलेक्ट्रिक बोर्ड में जो  थ्री पिन सॉकेट की सबसे ऊपर वाली पिन अर्थिंग होती है, उस में  लेफ्ट साइड वाली छोटी पिन जो न्यूट्रल होती है, उस न्यूट्रल वाली पिन से होल्डर के वायर को निकालकर ऊपर बड़ी वाली अर्थिंग पिन के अंदर टच करें। और फिर बल्ब की रोशनी को देखें, क्या कोई अंतर आया है। यदि कोई अंतर नहीं आया है तो सब कुछ ठीक है। यदि बल्ब की रोशनी थोड़ी कम पड़ गई है तो आपकी अर्थिंग कमजोर हो गई है।  और यदि बल्ब बिल्कुल रोशनी नहीं दे रहा है तो आपकी आर्थिक ब्रेक हो गई है।

Earthing से जुड़ें सवाल – FAQ

सवाल :- अर्थिंग में नमक और कोयला क्यों डाला जाता है ?

जवाब :- अर्थिंग करते समय अर्थ इलेक्ट्रोड के चारो ओर नमक और कोयला डाला जाता है। क्योंकि नमक जमीन के क्षार को सोक लता है। और कोयला जमीन की नमी बनये राखता है। जिससे जमीन की कंडक्टिव्हीटी बढ़ जाती है। जमीन की कंडक्टिव्हीटी ज्यादा होगी तभी लीकेज करंट आसानी से जमीन में जा पायेगा।


सवाल :- अर्थिंग में पानी क्यों डाला जाता है ?

जवाब :- गर्मियों के मौसम में जमीन सूख जाती है। जिस कारण जमीम की कंडक्टिव्हीटी कम हो जाती है। जमीन में नमी बढाने के लिए अर्थिंग में फनेल के जरिये पानी डाला जाता है। अर्थिंग में कचरा जाकर पानी डालने का मार्ग बंद न हो जाये इस वजह से अर्थिंग के फनेल के ऊपर एक कास्ट आयर्न का ढक्कन लगाया जाता है।


दोस्तों यह आर्टिकल पढ़कर earthing hindi meaning के साथ आपने Earthing की अच्छी जानकारी प्राप्त कर ली है। हम ने इस आर्टिकल में आपको  what is earthing in hindi अर्थिंग क्या है? के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है अगर इसके अलावा अर्थिंग से जुड़ें कोई भी सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट करके हमें पूछ सकते है। और Earthing की यह जानकारी अपने जानने वालों के साथ शेयर भी कर सकते है।

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