VPN क्या है ? VPN के Profit and Loss के साथ जानिए VPN की जरुरी जानकारी

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम है संदीप और sandipdhore.com के माध्यम से मैं देता हूँ एजुकेशनल जानकारी। आज हम जानेंगे VPN क्या है? ( VPN kya hai ) या VPN क्या होता है? VPN का फुल फॉर्म क्या है ? VPN कैसे काम करता है? VPN के लाभ क्या है? साथ ही VPN के नुकसान क्या है? यह VPN से सम्बन्धित सभी जरुरी जानकारी ।

VPN kya hai / VPN क्या है?

दोस्तों, हम VPN को डेटा चोरी से बचाने का एक सुरक्षित विकल्प के रूप में हम देख सकते है। जिस का इस्तेमाल करने पर VPN हमारे कंप्यूटर या मोबाइल का डेटा एंक्रिप्ट करता है और हमारे IP Address को छिपाता है जिस से server के माध्यम से कनेक्शन पथ को बदलकर और होने वाले डेटा एक्सचेंज को मास्क करके किसी भी वेबसाइट से सुरक्षा प्रदान करता हैं।

VPN क्या है ?
VPN क्या है ?

याने सीधे तौर पर हम यह कह सकते है की इन्टरनेट की दुनिया में VPN हमें सेफ और सेक्यूअऱ रखता है,  इसलिए इंटरनेट नेटवर्क पर सर्फिंग की प्रक्रिया में अब एक VPN को अपनाया जा रहा है।

VPN का फुल फॉर्म क्या है ?

VPN का फुल फॉर्म है Virtual private network  (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) जिसे शोर्ट फॉर्म में VPN कहाँ जाता है।

क्यों है इंटरनेट सुरक्षा की जरूरत

आज हम ऐसे दौर में रहते है, जहाँ सुरक्षा का महत्व कई अधिक है। विज्ञानं ने आधुनिकता के साथ जीवनशैली को आसान और बनाया है यह हम सब जानते है, लेकिन इस के साथ ही कई नये खतरे हमारे जीवनशैली पर गहरा प्रभाव छोड़ रहे है। आज के डिजिटल दुनिया में हम कई तरह से खतरे महसूस करते है, जैसे ठगे जाना, अपनी प्राइवेसी का लॉस, ब्लॅकमेलिंग, चोरी जैसे कई खतरे आज हमारे सामने है, इसलिए हमें  जरूरत है ऐसे सुरक्षा तकनीक की, जो हमारी मदद कर सकें।

तो क्या VPN को एक सुरक्षित विकल्प के तौर पर हम आजमा सकते है? क्या वो सही है? इसलिए हमें यह जानना आवश्यक है की, VPN क्या है? और VPN अपने उपयोगकर्ताओं के लिए “सुरक्षित” माने जाने के लिए कैसे कार्य करता है? चलों जानते है।

What is VPN in hindi – VPN का क्या मतलब है?

आज के दौर में जो भी व्यक्ति इन्टरनेट का इस्तेमाल कर रहा है, उस ने VPN के बारे में कभी न कभी सुना है, या शायद आपने कभी ना कभी यह आप्शन आप के मोबाइल में भी देखा होगा। लेकिन वास्तव में आप को इसका मतलब ही पता नही होगा, इसलिए सब से पहले हमें  VPN का मतलब जानना है।

यह एक ऐसी तकनीक है जो आप की पहचान छिपाती है, इन्टरनेट नेटवर्किंग का ऐसा एक कनेक्शन है जो आप के मोबाइल या कंप्यूटर डेटा को हॅकर्स से बचाती है। साथ ही जब आप पब्लिक नेटवर्क से कनेक्ट होते है, जैसे किसी Wi-Fi नेटवर्क से, ऐसे में आप को अधिक सुरक्षा की आवश्यकता होती है जिसे VPN द्वारा पूरा किया जा सकता है।

आप को पता ही है आज इस डिजिटल दुनिया में ज्यादा से ज्यादा काम ऑनलाइन होते है, जैसे पैसों का लेनदेन, ऑनलाइन व्यापार, ऑनलाइन बैंकिंग, ऑनलाइन स्टडी, कम्युनिकेशन, छोटे से लेकर बड़ें पैमाने तक के व्यापार के लिए सभी आज इन्टरनेट ब्राउज़िंग का इस्तेमाल करते है। और इस के लिए आप को जरूरत है ऐसे ब्राउज़िंग की जो आप को अनचाहे यूज़र्स से बचाए रखें।  और VPN यही काम करता है।

VPN याने  वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क अपने ग्राहकों को एक सुरक्षित इंटरनेट नेटवर्क कनेक्शन प्रदान करता है। VPN के माध्यम से, आप सर्वर के कनेक्शन को बदलकर और होने वाले डेटा एक्सचेंज को मास्क करके किसी भी वेबसाइट को सुरक्षित और निजी पहुंच प्रदान कर सकते हैं।

VPN एक सर्विस है जिसका उपयोग अक्सर ऑनलाइन व्यवसायों , बड़ें संगठनों, शिक्षा क्षेत्र, कॉर्पोरेट सेक्टर द्वारा अपने डेटा को सुरक्षित करने के लिए किया जाता है। हालाँकि, प्रौद्योगिकी की प्रगति के साथ,आज के दौर में हर व्यक्ति को इन्टरनेट सुरक्षा की जरूरत महसूस होती है, जिसे आप अपने फ़ोन या कंप्यूटर में VPN एप्लीकेशन को डाउनलोड कर इस का use कर सकते है।

VPN का उपयोग अब विभिन्न प्रकार के लोग दुनिया भर में उन साइटों तक पहुँचने के लिए भी करते हैं जिनकी भौगोलिक या कनेक्शन सीमाएँ हैं।

अब जानते है VPN कैसे काम करता हैं?

उपरोक्त जानकारी में आप समझ ही गये होंगे की VPN क्या है? और VPN का उपयोग इन्टरनेट पर हमारी सुरक्षा के लिए किया जाता है, लेकिन अभी आप सोच रहे है की यह वास्तव में कैसे काम करता है, जिस से हम सुरक्षित होते है।

VPN सार्वजनिक रूप से लिंक होने से पहले एक्सचेंज होनेवाले डेटा को एन्क्रिप्ट करके इन्टरनेट पर चलाता है। जिस से आप का लोकेशन और IP एड्रेस छिप जाता है।

आसान शब्दों में एन्क्रिप्शन का मतलब है, आप ने इंटरनेट के माध्यम से भेजे या प्राप्त किये हुए डेटा को छुपाने के लिए डेटा को एक गुप्त कोड में बदला जाना एन्क्रिप्शन कहलाता है।

सीधे शब्दों में कहें, यदि आप किसी VPN का उपयोग किए बिना साइट देखते है या ऑनलाइन  जानकारी साझा करते हैं, तो आपका इन्टरनेट नेटवर्क एन्क्रिप्शन के बिना कनेक्शन बनाएगा। जिस से आप का लोकेशन और IP Address कोई हॅकर्स आसानी से स्ट्रेस कर सकता है जिस से आप को भरी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

यदि आप VPN का उपयोग करते हैं, तो आपका नेटवर्क कनेक्शन पहले VPN सर्वर के माध्यम से एन्क्रिप्ट किया जाएगा।

क्या VPN का उपयोग कानूनी तौर पर सुरक्षित है?

दोस्तों, यह एक अहम् सवाल है, मुझे लगता है, की कई लोग ऐसा मानते है की VPN का इस्तेमाल कानूनन गलत है? क्यों की मैं खुद ऐसे माननेवालों में से ही एक हूँ। इसलिए मुझे लगता है की इस बात को विस्तार से समझने की जरूरत है। मुझे लगता है की, VPN का उपयोग निश्चित रूप से वैध है और कानून नहीं तोड़ता है। जब तक आप इस का उपयोग, आप के इंटरनेट कनेक्शन को निजी और सुरक्षित बनाने के लिए करते है।

अगर आप किसी तरह की हैकिंग के लिए या ऐसी गतिविधि के लिए इस का उपयोग करते है, जैसे  ऑनलाइन बैंकिंग या कॉर्पोरेट ईमेल तक पहुँच बनाने के लिए, या प्रतिबंधित या देश की सुरक्षा से जुडी जानकारी तक पहुचने के लिए करते है तो यक़ीनन यह  क़ानूनी कारवाई के अधीन आता हैं।

हालाँकि, क्योंकि प्रत्येक वीपीएन सेवा में अलग-अलग डाउनसाइड और सुरक्षा की डिग्री होती है, चाहे वह सुरक्षित हो या नहीं, यह आपके द्वारा उपयोग की जाने वाली वीपीएन सेवा पर निर्भर करता है। हर देश में जहाँ VPN सर्वर स्थित हैं, वहां सेवाओं में VPN के उपयोग को नियंत्रित करने वाले नियम हैं। जिसे हमें फॉलो करने चाहिए।

VPN का उपयोग कैसे करें?

आप अपने स्मार्टफोन और कंप्यूटर दोनों पर VPN का उपयोग कर सकते है। स्मार्टफोन के लिए आप को Google Play पर जाना होगा जहाँ आप को  कई VPN ऐप दीखाई देंगे, जिस में से कोई भी एप का उपयोग आप कर सकते हैं। एक बार जब आप VPN App को डाउनलोड कर इनस्टॉल कर लेते हैं, तो आप आवश्यकतानुसार VPN सेवा का उपयोग कर सकते है।

कंप्यूटर के लिए यदि आप को VPN की सेवा इस्तेमाल करनी है तो आप को, इस के लिए ओपेरा डेवलपर सॉफ्टवेर को डाउनलोड कर इनस्टॉल करना होगा। फिर,आप को इनस्टॉल किये सॉफ्टवेर की सेटिंग्स  में जाकर “प्राइवेसी और सिक्यूरिटी” पर क्लिक करना होगा। और फिर आप को VPN Enable करना होगा। यदि आपने आवश्यकतानुसार VPN कनेक्शन जोड़ा है तो आप सामान्य रूप से इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं।

VPN के लाभ क्या है? (VPN के फायदे) 

व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित करता है

ऑनलाइन  इंटरनेट का उपयोग करते समय, VPN आपके वास्तविक स्थान और IP Address को छिपाने में आपकी सहायता कर सकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि कोई भी इंटरनेट एक्सेस करते समय आपके ठिकाने को ट्रैक न कर सके। VPN द्वारा पहचाना गया स्थान आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे वीपीएन सर्वर के स्थान से निर्धारित होता है।

डिवाइस पर डेटा एन्क्रिप्ट करें

VPN  का उपयोग करने कका एक और फायदा यह है की, हर कोई आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे डिवाइस और इंटरनेट history को नही जान पाता।

जब आप किसी वेब एप्लिकेशन के साथ डेटा का आदान-प्रदान करने के लिए वीपीएन का उपयोग करते हैं, तो आपका डेटा एन्क्रिप्ट किया जाता है। यदि कोई देखता है कि एन्क्रिप्शन प्रक्रिया के माध्यम से कंप्यूटर ने आपकी जानकारी से क्या संचार किया है, तो वे केवल एन्क्रिप्टेड डेटा और कच्चा डेटा देखेंगे।

Wi-Fi कनेक्शन  को secure करता है

यदि आप अपने इन्टरनेट को आसपास के पब्लिक नेटवर्क से जोड़ते है, जिसे हम Wi-Fi कहते है, तो ऐसे में अपनी पहचान छिपाना काफी जरुरी हो जाता है, जो हम VPN के मदद से कर सकते है।

VPN के लाभ क्या है? – अन्य 

  • डेटा अधिक सुरक्षित और निजी है।
  • अन्य लोग सही आईपी पहचान को जल्दी से नहीं पहचानते हैं।
  • उपयोग की गई VPN service  के आधार पर कई स्थानों (देशों) से पहुँचा जा सकता है
  • उन वेबसाइटों तक पहुंच सकते हैं जिन्हें सरकार या अन्य संगठनों ने प्रतिबंधित किया है।

VPN के नुकसान क्या है?

  • इंटरनेट कनेक्शन धीमा होता जा रहा है।
  • मैनुअल कॉन्फ़िगरेशन महंगा हो जाता है
  • इसका आवेदन प्रतिबंधित है।
  • इंटरनेट कनेक्शन अविश्वसनीय हो जाता है।
  • डेटा अधिक सुरक्षित और निजी है।
  • अन्य लोग सही आईपी पहचान को जल्दी से नहीं पहचानते हैं।
  • उपयोग की गई वीपीएन सेवा के आधार पर कई स्थानों (देशों) से पहुँचा जा सकता है
  • उन वेबसाइटों तक पहुंच सकते हैं जिन्हें सरकार या अन्य संगठनों ने प्रतिबंधित किया है।

VPN का उपयोग करने का सबसे अच्छा समय कब है?

यह एक अच्छा सवाल है की, VPN Service का उपयोग करना कब ठीक है? इस के लिए आप को कुछ बाते हम बताते है, ऐसे समय आप को VPN का उपयोग करना चाहिए!

  • सार्वजनिक वाईफाई नेटवर्क का उपयोग करते समय। यह आपके इंटरनेट नेटवर्क कनेक्शन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए किया जाता है।
  • जब आप अपनी गतिविधि को दूसरों से छिपाने की कोशिश कर रहे हैं जो आपको सावधानी से ट्रैक करने का प्रयास कर रहे हैं।
  • लोकेशन छुपा कर रखते हैं। यह तब हो सकता है जब आप जिस साइट तक पहुंचना चाहते हैं उसमें भू-अवरुद्ध सामग्री शामिल है या यदि साइट की सामग्री किसी विशिष्ट भौगोलिक स्थान के कारण प्रतिबंधित है।
  • जब आप किसी खास वेबसाइट पर अपनी पहचान छुपा कर रखना चाहते हैं।
  • जब आपको उन वेबसाइटों तक पहुंचने की आवश्यकता होती है जिन्हें सरकार या कुछ समूहों द्वारा प्रतिबंधित किया गया है।

संबोधन 

दोस्तों, मुझे लगता है VPN क्या है? ( VPN kya hai ) या VPN क्या होता है? VPN का फुल फॉर्म क्या है ? VPN कैसे काम करता है? VPN के लाभ क्या है? साथ ही VPN के नुकसान क्या है? यह VPN से सम्बन्धित सभी जरुरी जानकारी मैंने इस आर्टिकल में दी है, जिसे आप अच्छी तरह से समझ पाए हो। यदि इस से सम्बन्धित आप के कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में जरुर पूछे। और हां क्या आप इंटरनेट से कनेक्ट होने के लिए अक्सर VPN का उपयोग करते हैं? यदि ऐसा है, तो केवल आवश्यक होने पर ही इसका उपयोग करें। कोशिश करें कि दूसरों को नुकसान न पहुंचे और आप इस का उपयोग गैरकानूनी तरीके से ना करते हो!

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