नीट का पेपर कैसा होता है ? NEET Paper Pattern 2022 की Important जानकारी

जो स्टूडेंट्स डॉक्टर बनने का सपना लेकर एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी शुरू करते है, उस के मन में नीट का पेपर कैसा होता है? यह सवाल जरुर आता है. क्यों की हम सभी जानते है की मेडिकल में एडमिशन के लिए NEET की पूर्व परीक्षा देना अनिवार्य है जो सब से कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है. 

हेल्लों दोस्तों, मेरा नाम है संदीप और मैं sandipdhore.com के माध्यम से एजुकेशनल जानकारी देता हूँ. NEET Exam को क्रैक करने का सपना लेकर स्टूडेंट्स पढाई तो शुरू करते है, लेकिन मन में कई सवाल लिए कन्फ्यूजन में रहते है?  इसलिए मुझे लगता है की स्टूडेंट्स पढाई के दौरान ज्यादा प्रेशराईज महसूस करते है. 

नीट का पेपर कैसा होता है
नीट का पेपर कैसा होता है

ऐसे ही एक सवाल मुझ से एक स्टूडेंट द्वारा पूछा गया, नीट का पेपर कैसा होता है? वाकई सवाल तो सरल है, लेकिन यदि किसी स्टूडेंट को इस की सही जानकारी ना हो तो एक गंभीर स्थिति का सामना स्टूडेंट्स को करना पड़ता है, जो पढाई के दौरान कन्फ्यूजन को बढ़ा देता है. इसलिए इस का जवाब विस्तृत तौर पर देने की आवश्यकता है, ताकि पढाई के दौरान स्टूडेंट्स कन्फ्यूजन की स्थिति में ना रहे.

यहाँ NEET Exam के बारे में जानकारी देना उचित नही है, क्यों की यह सवाल खोजते हुए आप इस आर्टिकल पर पहुचे है तो यकीनन NEET Exam के बारे में सभी जरुरी जानकारी रखते है, इसलिए मैं जान-बुझ कर जानकारी को लम्बा नही खींचना चाहता, नीट का पेपर कैसा होता है ? इस सवाल का सीधे तौर पर समाधान करना चाहता हूँ.

नीट का पेपर कैसा होता है ? neet ka paper kaisa hota hai

इस पेपर में विज्ञानं के तिन शाखाओं पर आधारित 200 सवाल पूछे जाते है, जिस में बायोलॉजी के100 और फिजिक्स और केमिस्ट्री के  50-50 सवाल होते है। इन 200 सवालों में से 180 सवालों के जवाब देना अनिवार्य है, हर सवाल के लिए 4 मार्क्स निर्धारित होते है, याने यह पेपर कुल 720 मार्क्स का होता है।

संक्षिप्त में जाने 

  • चार विषय – फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी और बॉटनी
  • हर विषय के दो सेक्शन A और B – टोटल 8 सेक्शन
  • सेक्शन A में 35 सवाल – सभी अनिवार्य
  • सेक्शन B में 15 सवाल – जिस में 10 अनिवार्य
  • कुल 200 में से 180 सवाल अनिवार्य
  • नीट पेपर के कुल मार्क्स 720
  • एक सही उत्तर के लिए 4 मार्क्स दिए जाते है
  • एक गलत उत्तर के लिए 1 मार्क्स काटा जाता है.

सब से पहले तो आप कोई भी एग्जाम की तैयारी कर रहे हो आप को पॉजिटिव attitude की आवश्यकता होती है, इसलिए यह वहम खुद के मन से निकाल दे की वाकई Neet Exam सब से कठिन है. कोई भी एग्जाम एक स्टूडेंट्स के लिए कठिन नही होती, सही जानकारी और सही अप्प्रोच के साथ हम तैयारी करें तो किसी भी तरह की एग्जाम को क्रैक कर सकते है.

सब से पहले हम नीट के एग्जाम को समझने की कोशिश करते है. MBBS,BHMS या किसी भी तरह के पेशेवर डॉक्टर बनने के लिए हमें मेडिकल क्षेत्र में एडमिशन करना पड़ता है, तो सवाल यह होता है की क्या आप एक डॉक्टर की पढाई में आवश्यक विषयों के बारे में अच्छे से जानकारी रखते है? और इसी सवाल को आप में खोजने के लिए एक भरती पूर्व परीक्षा का आयोजन किया जाता है, जिसे हम NEET Entrance Exam के तौर पर जानते है.

अब आप इस बात का अंदाजा लगा सकते है की, डॉक्टर की पढाई के लिए हमें ग्रेजुएशन लेवल पर किन विषयों के बारे में बात करते है, याने ऐसे विषय जो डॉक्टर की पढाई से जुड़े हो. इस का आंसर एकदम सरल है, क्यों की हम सभी जानते है, की फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी ( बायोलॉजी को दों भागों में बाटा गया है- जूलॉजी और बॉटनी) जैसे विषय हमें डॉक्टर की पढाई के लिए आवश्यक है. 

याने पक्के तौर पर हम यह कह सकते है, की नीट की एग्जाम फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी और बॉटनी इन्ही चार विषयों पर आधारित है. अब हम नीट का पेपर कैसा होता है ? इस सवाल को विस्तार से समझते है.

सब से पहले हम नीट के पेपर की संरचना को समझते है. यह समझना इसलिए जरुरी है की हम तैयारी करते वक्त पढाई में कोई confusion ना रखें.

  • फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी और बॉटनी इन चार विषयों पर नीट का पेपर आधारित है.
  • हर विषय को दों सेक्शन में बाटा गया है. A और B 
  • सेक्शन A में 35 सवाल – और सेक्शन B में 15 सवाल होते है.
  • सेक्शन A के 35 सवालों के जवाब देना अनिवार्य है.
  • सेक्शन B में 15 में से 10 सवाल के जवाब देना जरूरी.
  • याने नीट के  पेपर में कुल 200 सवाल होते है, जिस में आप को 180 सवालों के जवाब देना अनिवार्य
  • प्रत्येक सवाल के सही जवाब के लिए 4 मार्क मिलते है, याने कुल 720 मार्क.
  • एक गलत जवाब के लिए आपके कुल मार्क्स से 1 मार्क माइनस हो जाता है.
  • नीट का पेपर इंग्लिश, हिंदी के साथ साथ अन्य प्रादेशिक भाषा में भी होता है, इस के लिए आप को आवेदन करते समय भाषा का चयन करना अनिवार्य है.

इसे टेबल के माध्यम से समझते है।

विषय सेक्शनप्रश्न अनिवार्यतामार्क्स /सेक्शन
फिजिक्स (भौतिक विज्ञानं)A 35 35 140
B1510 40
केमिस्ट्री (रसायन विज्ञानं) A35 35 140
B15 10 40
जूलॉजी (जंतु विज्ञानं) A35 35140
B15 10 40
बॉटनी (वनस्पति विज्ञानं) A35 35 140
B15 10 40
Total8 200 180 720 मार्क्स

अगर आप जानना चाहते है की, नीट में पास होने के लिए कितने मार्क्स चाहिए? तो यह आर्टिकल पढ़ें, जिस में मैंने विस्तार से जानकारी दी है.

नीट में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?

यह तो थी नीट के पेपर की संरचना जिस से आप जान सकते है नीट का पेपर कैसा होता है

विस्तार से जाने नीट का पेपर कैसा होता है?

मौजूदा चार विषयों पर आधारित नीट एग्जाम हर विषय के दो भागों में बटी है सेक्शन A और सेक्शन B, जिस में आप को सेक्शन A के सभी प्रश्न solve करने होते है, तो सेक्शन B एक वैकल्पिक सेक्शन है जिस में आप को 15 में से 10 सवालों के जवाब देना होता है.

हर विषय के A सेक्शन में आप को 35 सवाल पूछे जायेंगे, जिन सभी के जवाब देना अनिवार्य है. लेकिन हर विषय के सेक्शन B में पूछे गये 15 सवालों में से आप को 10 सवालों के जवाब देने की सहूलियत दी गयी है.

ऐसे 200 सवालों में से 180 सवालों के जवाब आप को देने होते है, एक सवाल के सही जवाब के लिए आप को 4 अंक मिलते है, याने यदि आप के सभी 180 सवालों के जवाब सही दिए तो आप को कुल 720 अंक प्राप्त होंगे.

लेकिन अदि आप किसी सवाल का जवाब नही देते तो आप को उसके 0 अंक मिलेंगे और यदि आप किसी सवाल का जवाब गलत देते है तो आप को प्राप्त अंक में से 1 अंक माइनस हो जायेगा. 

याने यदि आप ने 170 सवालों के सही जवाब दिए और 10 सवालों के गलत जवाब दिए तो आप के 170 सवालों के प्राप्त अंक से आप के 10 अंक माइनस हो जायेंगे. 

कई स्टूडेंट्स कन्फ्यूज्ड रहते है की, नीट का पेपर सिर्फ इंग्लिश लैंग्वेज में ही होगा, लेकिन ऐसा नही है, नीट का पेपर इंग्लिश भाषा के साथ साथ हिंदी और अन्य प्रादेशिक भाषा में भी होता है, आप को किश भाषा में पेपर solve करना है यह आप को आवेदन में बताना होता है.

मेरी राय 

दोस्तों, मैंने कई स्टूडेंट्स को यह कहते सुना है की, नीट एग्जाम काफी हार्ड है, मुझे लगता है की यह एक गलत धारणा है?  क्या किसी भी एग्जाम को पहले ही हार्ड मान लेना उस स्टूडेंट की हार नही है, अगर आप स्टूडेंट है तो मुझे लगता है की आप के लिए कोई भी एग्जाम हार्ड नही है.

हमें सिर्फ और सिर्फ एग्जाम को समझने की, एग्जाम के लिए आवश्यक सामग्री की, और एकागता से पढाई की जरूरत है. अगर आप इन तिन बातों को दिल से फॉलो करते है तो आप के लिए कोई भी एं मुश्किल नही है. 

कुछ बातों पर ध्यान दे 

  • सब से पहले हम एग्जाम को हार्ड मान लेते है, जो हमारे प्रेशर को बढाता है.
  • फिर हम अपने पढाई का रुख कठिन, माध्यम और सरल सवालों की खोज करते है, ताकि बचा जा सके. यह एक बचावात्मक रवैया है. जो हमें अधिक तनाव देता है.
  • फिर हम कठिन सवालों को ज्यादा समय देने लगते है, जिस से हम एक डर का माहौल मन में क्रिएट करते है.
  • दूसरों के साथ तुलना करना शुरू करते है, जिस से हम अपने नेचर के विपरीत फोकस को बढाते है.
  • फिर हम ऐसी चीजे खोजना शुरू करते है जिस से हम मोटीवेट हो जाए. 
  • कई लोगों से एग्जाम के बारे में नकारात्मक बाते सुनकर हम डरने लगते है, और मान लेते है की वाकई यह एग्जाम क्रैक करना आसान नही है. 

बस यही कारण होते है हम एग्जाम क्रैक नही कर पाते. सही मार्गदर्शन ना होने के कारण हम अपनी काबिलियत को भूल जाते है, जो स्टूडेंट सिर्फ अपने काबिलियत पर विश्वास रख कर मेहनत करते है, वे आगे निकल जाते है. 

मुझे नही पता आप एग्जाम के बारे में क्या सोचते है, इस आर्टिकल में मैंने आप को  नीट का पेपर कैसा होता है? यह आसन शब्दों में बताने की कोशिश की है, अगर आप चाहते है की नीट की पढाई कैसे करनी है?  तो कमेंट बॉक्स में मुझे बताएं. मुझे आप की हेल्प करने में ख़ुशी होगी.

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