2023 में बैंक मैनेजर कैसे बने? Important जानकारी आप के लिए

आप में से कई लोग होंगे जो चाहते होंगे, बैंक मैनेजर बने और आप कई जगह पर यह खोजते भी होंगे की बैंक मैनेजर कैसे बने? मुझे नहीं पता आप क्या सोचते है। लेकिन एक स्टूडेंट के मुझसे सोशल मीडिया पर एक सवाल पूछा था, ‘ सर, बैंक मैनेजर बनने के लिए मैं कौन से स्किल डेवलप कर सकता हूं?’   वाकई यह एक छानदार सवाल है, जिस ने मुझे बैंक मैनेजर कैसे बने और और इस के लिए हमें शैक्षणिक और मानसिक तौर पर कैसी तैयारी करनी चाहिए? यह लिखने के लिए मजबूर किया है।

बैंक मैनेजर कैसे बने

हैलो दोस्तों, मेरा नाम है संदीप और sandipdhore.com के माध्यम से मैं आप को एजुकेशनल और टेक्निकल जानकारी देता हूं। आज मैं बैंक मैनेजर कैसे बने? बैंक मैनेजर बनने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए? बैंक मैनेजर बनने के लिए कौन सी एग्जाम होती है? इस एग्जाम में हमें कैसे सवाल पूछें जाते है? बैंक मैनेजर बनने के लिए हमें कौन से स्किल की आवश्यकता होती है? सरकारी बैंक मैनेजर कैसे बने?  इन सभी जरूरी विषयों के बारे में इस आर्टिकल में बताऊंगा। ताकि आप के मन में किसी तरह से हम बैंक मैनेजर कैसे बन सकते है? इस का कोई doubt ना रहे। चले शुरू करते है।

संक्षिप्त में जाने 

सीधे तौर पर कहे तो बैंक मैनेजर दों तरीकों से बना जाता है। एक तो ग्रेजुएशन के बाद बैंक कर्मचारी के रूप में कार्य करने के बाद, अनुभव के आधार पर आप को असिस्टेंट मैनेजर और फिर बैंक मैनेजर बनाया जाता है।  और दूसरा तरीका है कि आप वाणिज्यिक शाखा में मास्टर डिग्री के साथ-साथ मैनेजमेंट कोर्स किए है तो आप डायरेक्ट बैंक मैनेजर के लिए एग्जाम दे सकते है, और बैंक मैनेजर बन सकते है। 

यह तो हो गया ‘ बैंक मैनेजर कैसे बने?‘ इस सवाल का संक्षिप्त जवाब। इसे विस्तार से समझना जरूरी है।

बैंक मैनेजर क्यों बने?

डॉक्टर्स और इंजिनियर जैसा प्रतिष्ठित और सम्मानजनक पद है बैंक मैनेजर, जिस में एक अच्छे सैलरी के साथ- साथ प्रतिष्ठा और सम्मान प्राप्त होता है। इसलिए मुझे लगता है की बैंक मैनेजर क्यों बने? इस सवाल को ज्यादा विस्तारित करने की आवश्यकता नही है। मुझे पता है आज के स्टूडेंट्स अपने भविष्य के प्रति सजग है, और वे अपने इंटरेस्ट के बेसिस पर यह पहले ही तय करते है की उन्हें क्या करना चाहिए?

जो स्टूडेंट्स बैंकिंग सेक्टर में जॉब पाना चाहते है बैंकर या बैंक मैनेजर बनना चाहते है वे पहले ही कॉमर्स स्ट्रीम को चुनते। लेकिन दोस्तों, आप को बता दूँ, बैंक मैनेजर बनने के लिए जरुरी नहीं की कॉमर्स स्ट्रीम को ही ज्वाइन करों, आर्ट और साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स भी बैंकिंग फ़ील्ड का चुनाव कर सकते है। जो की आपके इंटरेस्ट और पढाई पर डिपेंड है।

सब से पहले हम जान लेते है की बैंक मैनेजर होता कौन है? और यह जरुरी है, क्यों की जब आप बैंक मैनेजर के बारे में डिटेल से जानेंगे तभी आप जरूरी स्किल को खुद में डेवेलोप कर पाओगे। 

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बैंक मैनेजर कौन होता है?

एक बैंक कई शाखाओं में बटा होता है, याने एक बैंक कई शहरों, गावों में उपलब्ध होता है, जैसे की एक बैंक SBI जो दिल्ली में भी मौजूद है, और चेन्नई में भी, ऐसे में बैंक की उस शाखा को एक लीडर की जरूरत होती है, जो बैंक की शाखा और बैंककर्मीओं को लीड करता है, जिसे हम बैंक मैनेजर कहते है।

जब भी कोई बैंक मैनेजर होता है, उस पर कई तरह की जिम्मेदारियां होती है, जिसे भी हम संक्षिप्त में देखते है। 

  • एक बैंक मैनेजर एक बैंक शाखा का नेतृत्व करता है।
  • उस के लिये यह आवश्यक है की वह बैंक के सारे रेकार्ड्स और अन्य सभी व्यवहारों के पारदर्शिता पर फोकस रखें।
  • बैंक के सभी रेकॉर्ड्स सही तरह से बने या नही इसको हमेशा सुनिश्चित करता रहे। और त्रुटिपूर्ण रेकॉर्ड्स में संशोधन करना।
  • दैनंदिन व्यवहार के रिकॉर्ड और सुनिश्चित करने के साथ, बैंक में मौजूद कर्मचारियों के दैनंदिन कार्य आलेख की रुपरेखा स्पष्ट करें।
  • साथी अपने कर्मचारियों को लीड करें और बैंक रूल्स के अन्दर उन्हें गाइड करें जिसे वे समझ नही पा रहे है।
  • बैंक के विकास के लिए एक अच्छी रणनीति को लागु करने के साथ ग्राहक और बैंक के मध्य विश्वसनीय सम्बन्ध स्थापित करने के लिए कार्य करें।
  • साथी बैंक के वार्षिक बजट को तैयार करने की जिम्मेदारी भी बैंक मैनेजर की होती है।

याने अब आप समझ ही गये होंगे की एक बैंक मैनेजर पर कई जिम्मेदारियां होती है, इसीलिए यह इतना प्रतिष्ठित पद भी है। लेकिन क्या आप को पता है, एक बैंक में अलग- अलग बैंक मैनेजर होते है? याने बैंक मैनेजर में भी टाइप्स होते है, इनके भी प्रकार होते है। बैंक मैनेजर कैसे बने? यह जानने के लिए आप को यह भी जानना आवश्यक है। तो चलों जानते है,

बैंक मैनेजर के प्रकार 

सरकारी या प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में आप देखोगे, एक बैंक के लिए अलग-अलग तरह के मैनेजर होते है, जिस में जूनियर, सीनियर से लेकर ब्रांच मैनेजर तक के पद होते है।

  • जूनियर बैंक मैनेजर 
  • सीनियर बैंक मैनेजर 
  • सर्विस मैनेजर 
  • ब्रांच मैनेजर 

ज्युनियर बैंक मैनेजर 

जूनियर से आप समझ ही गये होंगे जो सीनियर के अंडर काम करता है, इसलिए मुझे बताने की जरूरत नही है, जूनियर बैंक मैनेजर सीनियर बैंक मैनेजर के अंडर कार्य करता है जिसे कुछ जिम्मेदारियां दी जाती है, और वह जिम्मेदारियां पूर्ण करना और उसका रिपोर्ट सीनियर्स मैनेजर को देना। साथी बैंक शाखा को दिए गये टारगेट को पूर्ण करने की जिम्मेदारी भी जूनियर मैनेजर की है।

सीनियर बैंक मैनेजर 

जूनियर के बाद आता है सीनियर बैंक मैनेजर, जूनियर बैंक मैनेजर की गतिविधियों पर लक्ष्य केन्द्रित करना और ग्राहंक सुविधा पर ध्यान केन्द्रित करना, साथ ही लेनदेन, लोन, आवश्यक खरीदी-बिक्री के साथ प्रबंधन की जिम्मेदारी सीनियर बैंक मैनेजर पर होती है। 

सर्विस मैनेजर 

बैंक के ब्रांच को मिलनेवाले टारगेट को पूरा करने का कार्य बैंक के सर्विस मैनेजर पर होता है, जिसे वह सीनियर और जूनियर बैंक मैनेजर के साथ आगे बढ़ता है, साथ ही बैंक और ग्राहकों में समन्वय के साथ विश्वसनीयता को बढ़ाने की जिम्मेदारी सर्विस मैनेजर की होती है।

ब्रांच मैनेजर 

ब्रांच मैनेजर एक सर्वसमावेशीय पद है, जो ब्रांच या शाखा के सभी कार्यों के लिए जवाबदेह होता है। और उपरोक्त तीनों पद ब्रांच मैनेजर के अंडर कार्य करते है। ब्रांचे के वित्तीय प्रबंधन के साथ, समग्र विकास की जिम्मेदारी शाखा प्रबंधक याने ब्रांच मैनेजर की होती है।

मुझे लगता है की आप बैंक मैनेजर के कार्यों को सही तरह से समझ गये होंगे, साथी ही अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग बैंक मैनेजरों के कार्य को भी संक्षिप्त में जान ही गये होंगे। अब हम डिटेल में जानेगे की, बैंक मैनेजर कैसे बने?

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बैंक मैनेजर कैसे बने
बैंक मैनेजर कैसे बने

बैंक मैनेजर कैसे बने ?

इस की शुरवात एक सवाल के साथ करते है। सवाल यह है की, 12 वी के बाद बैंक मैनेजर कैसे बने? अब इस जवाब आखिर क्या होगा? हाँ या ना । शायद आप भी हँस पड़ें होंगे, क्यों की सभी को पता है, की 12 वी के पहले हम बैंक मैनेजर नही बन सकते, याने 12 वी पास होना अनिवार्य है, लेकिन 12 वी के तुरंत बाद भी नही बन सकते। 

बैंक मैनेजर बनने के लिए शैक्षणिक अहर्ता ही ग्रेजुएशन है, याने बैंक मैनेजर बनने के लिए हमें ग्रेजुएशन कम्पलीट करना अनिवार्य है। इसलिए बैंक मैनेजर बनने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए इसे विस्तार से समझते है।

बैंक मैनेजर बनने के लिए आवश्यक बातें 

सब से पहले बैंक मैनेजर बनने के लिए हमें बेसिक आवश्यकता को समझना होगा। मुझे लगता है की आप 12 वी में किसी भी स्ट्रीम में क्यों ना हो, लेकिन अगर आप बैंक मैनेजर बनने का सपना देख रहे है तो आप को फाइनेंस से जुड़े विषयों में ही अपना ग्रेजुएशन कम्पलीट करना चाहिए। जैसे कॉमर्स स्ट्रीम, जिस में हम फाइनेंसियल नॉलेज सीखते है, याने आप  बीकॉम(B.COM) या बीबीए(BBA) डिग्री कोर्स कर सकते है।

अगर आप बैंक मैनेजर बनने का सपना लेकर डिग्री कोर्स कर रहे है, तो आप को इस के साथ कंप्यूटर कोर्सेस को भी ज्वाइन कर लेना चाहिए। क्यों की बैंक मैनेजर बनने के लिए आप को बेसिक कंप्यूटर कोर्स के साथ DCA, CCC, Tally जैसे कंप्यूटर कोर्सेज की आवश्यकता होती है।

यह तो हो गयी बेसिक आवश्यकता, याने बैंक मैनेजर बनने के लिए यह फॉलो करनी ही है। अब जानते है उन एग्जाम के बारे में जो हमें बैक मैनेजर बनाएगी

बैंक मैनेजर बनने के लिए एग्जाम 

दोस्तों, इस में दों तरह की एग्जाम होती है, अगर आप सरकारी बैंक में मैनेजर पद प्राप्त करना चाहते है तो इस के लिए आप को IBPS याने फॉर्म इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन की एग्जाम को पास करना होता है। IBPS एक सरकारी संस्था है जो सरकारी बैंकों में रिक्त पदों के भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन करती है।

प्राइवेट बैंक बैंकिंग भरती के लिए अपना PO प्रोग्राम चलाती है, जिसे आप को ज्वाइन करना होता है, जिस में दो चरणों में परीक्षा ली जाती है, जिसे पास करने के बाद स्टूडेंट को ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है, और उस के बाद उसे PO के तहत बैंक में ज्वाइन किया जाता है। 

PO के तहत काम करने के बाद आप असिस्टंट मैनेजर और फिर बैंक मैनेजर बनते है।

( पहले दो चरणों के बाद इंटरव्यू लिया जाता था,यह रूल्स कुछ प्राइवेट बैंकों में अभी भी हो सकता है, लेकिन ज्यादातर बैंकों ने यह बंद कर दिया है)

एग्जाम को समझने के बाद अब हम बैंक मैनेजर बनने की प्रक्रिया को समझते है, ताकि आप को एक आईडिया आ जाए।

बैंक मैनेजर बनने की प्रक्रिया 

अगर आप बैंक मैनेजर बनना चाहते है, तो इस के प्रक्रिया को समझना होगा। हालाँकि उपरोक्त जानकारी इस के लिए पर्याप्त है, लेकिन मुझे लगता है की आप को डिटेल में याने परीक्षा के स्वरुप के साथ इसे समझना होगा। 

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सरकारी बैंक मैनेजर कैसे बने? 

बैंक मैनेजर बनने के लिए आप को IBPS PO की एग्जाम देना अनिवार्य है, जिसे मुख्यतः चार भागों में बाटा गया है।

  1. प्रिलिमिनरी एग्जाम
  2. मेंस एग्जाम
  3. इंटरव्यू चयन
  4. टॉपिक एक्सटेंशन

प्रिलिमिनरी एग्जाम

यह इस एग्जाम का पहला भाग है, जिसे लिखित टेस्ट के तौर पर जाना जाता है, इस एग्जाम ने स्टूडेंट्स को करंट अफेयर, इंग्लिश, गणित, रिजनिंग, सामान्य ज्ञान पर आधारित सवाल पूछे जाते है। यह एक ऑनलाइन है। यदि आप इस में अच्छे मार्क से पास होते है, तो आप को आगे मेंस एग्जाम के लिए बुलाया जाता है।

मेंस एग्जाम 

यह एग्जाम का दूसरा भाग है,  यह भी एक लिखित एग्जाम है, लेकिन जाहिर है की,पहिली एग्जाम से थोडा हार्ड होता है, इस में भी मात्रात्मक रुझान, इंग्लिश और तार्किक आधार पर 100 सवाल पूछे जाते है। इस एग्जाम में नेगेटिव-मार्किंग नही होती। 

इंटरव्यू चयन 

जाहिर है, अगर आप यहाँ तक पहुचे है तो आप ने पहली दों एग्जाम पास कर ली है, यहाँ आप को अपने साथ ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स के साथ आना होता है, जहाँ इसे वेरीफाई किया जाता है, और आप को मौखिक एग्जाम देना होता है। जिस में विविध विषयों पर आधारित करंट अफेयर के सवाल पूछे जाते है। और उस आधार पर आप का चयन हो गा या नहीं यह तय होता है।

टॉपिक एक्सटेंशन 

यह एग्जाम का चौथा और अंतिम भाग है, इस में आप को एक विषय दिया जाता है जिस पर आप को अपनी बात रख कर उस विषय का विस्तार करना होता है। जहाँ आप का मूल्यांकन किया जाता है, की आप सम्बन्धित पोस्ट के लिए योग्य है या नही।

इन चारों भागों को पूर्ण करने के बाद मेरिट लिस्ट बनाई जाती है और फिर आप का बैंक मैनेजर बनने का सपना साकार होता है।

डायरेक्ट बैंक मैनेजर कैसे बने ?

अभी तक आपने बैंक मैनेजर बनने की प्रोसेस को देखा, कैसे ग्रेजुएशन के बाद IBPS PO के एग्जाम के चार चरणों के बाद PO से असिस्टंट मैनेजर और बैंक मैनेजर। 

इस के अलावा भी आप डायरेक्ट बैंक मैनेजर बन सकते है, जिस के लिए आप के पास बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन की मास्टर डिग्री (MBA) होना आवश्यक है, कई प्राइवेट बैंक एग्जाम और इंटरव्यू के चरणों के बाद डायरेक्ट मैनेजर पोस्ट के लिए चयन करती है।

बैंक मैनेजर बनने के लिए निकष और योग्यता 

हलाकि पुरे आर्टिकल में हमने ने इस के निकष और योग्यता की चर्चा की है, इसलिए आप को एक आईडिया है, लेकिन इसे सही तरह से समझते है,

  1. सब से पहले स्टूडेंट्स भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। 
  2. इंग्लिश भाषा पर अच्छी पकड़ होना आवश्यक तो नही है लेकिन इसे एक अच्छा प्लस पॉइंट माना जायेगा।
  3. उम्र की बात करें तो 20 से 30  वर्ष की उम्र आवश्यक है, लेकिन आरक्षित सीटों के लिए आयुसीमा को 3 से 5 वर्ष अधिक है।
  4. शैक्षणिक अहर्ता की बात करें तो इस के लिए ग्रेजुएशन कम्पलीट होना अनिवार्य है। जरुरी नही की कॉमर्स स्ट्रीम से ही ग्रेजुएट हो, लेकिन कॉमर्स स्ट्रीम आप के लिए प्लस फैक्टर होता है।
  5. कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी आज सभी फ़ील्ड के लिए आवश्यक है, इसलिए बुनियादी जानकारी के साथ अगर आप DCA, CCC, Tally जैसे कंप्यूटर कोर्सेस आप के लिए प्लस पॉइंट है।
  6. बैंक मैनेजर बनने के लिए आप को IBPS PO के परीक्षा के चरणों से गुजरना होता है, जिस से आप बैंक मैनेजर बनेंगे या नहीं यह निर्धारित होता है।

बैंक मैनेजर की सैलरी 

आप जानते ही है की यह एक महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित पद है, तो इसका एक अच्छा सैलरी पॅकेज होगा. और साथ ही आप यह भी जानते होंगे की प्राइवेट की तुलना में सरकारी बैंकों में सैलरी बेनेफिट्स अच्छा होता है। 

सरकारी बैंकों की बात करें तो शुरवाती दौर में एक बैंक मैनेजर की प्रतिमाह सैलरी  40,000 रूपये से 60,000 रूपये के बिच होती है, साथ ही एस के आलावा महंगाई,आवास, यात्रा, चिकित्सा भत्ते और इन्शुरन्स की सुविधा भी बैंक द्वारा प्रदान की जाती है।

अब बात करते है प्राइवेट बैंकों की, प्राइवेट बैंकों में भी सैलरी का अच्छा पॅकेज मिलता है, जो सरकारी पॅकेज से थोडा कम होता है, लेकिन सभी सुविधाएँ जो एक सरकारी बैंक मैनेजर को मिलती है, वह प्राइवेट बैंक मैनेजर को भी प्राप्त होती है।

(बैंक मैनेजर के सैलरी के आंकड़ें एवरेज आंकड़ें है जो किसी बैंक में अधिकतम या न्यूनतम भी हो सकते है)

सम्बन्धित सवाल 

बैंक मैनेजर को कितना वेतन मिलता है?

शुरवाती दौर में एक बैंक मैनेजर की प्रतिमाह सैलरी  40,000 रूपये से 60,000 रूपये के बिच होती है, साथ ही एस के आलावा महंगाई,आवास, यात्रा, चिकित्सा भत्ते और इन्शुरन्स की सुविधा भी बैंक द्वारा प्रदान की जाती है।


बैंक मैनेजर के लिए कौन सी परीक्षा देनी चाहिए?

इस के लिए आप को IBPS याने फॉर्म इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन की IBPS PO एग्जाम को पास करना होता है। IBPS एक सरकारी संस्था है जो सरकारी और प्राइवेट बैंकों में रिक्त पदों के भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन करती है।


बैंक मैनेजर कितने प्रकार के होते हैं?

सरकारी या प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में आप देखोगे, एक बैंक के लिए अलग-अलग तरह के मैनेजर होते है, जिस में जूनियर, सीनियर,सर्विस से लेकर ब्रांच मैनेजर तक के पद होते है।


बैंक मैनेजर बनने के लिए कितनी पढ़ाई चाहिए?

बैंक मैनेजर बनने के लिए शैक्षणिक अहर्ता ही ग्रेजुएशन है, याने बैंक मैनेजर बनने के लिए हमें किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन कम्पलीट करना अनिवार्य है। 


संबोधन 

दोस्तों, मुझे लगता है, बैंक मैनेजर कैसे बने? इस आर्टिकल में आपको बैंक मैनेजर बनने के प्रक्रिया की सभी जरुरी जानकारी मिल गयी है, अगर आप चाहते है की IBPS PO Exam की तैयारी कैसे करें? तो आप कमेंट बॉक्स में जरुर लिखें। अगर आपको लगता है,मेरी लैंग्वेज इजी है, आप आसानी से समझ सकते है, या फिर जो आप को समझ नही आ रहा है, तो भी मुझे कमेंट कर जरुर बताएं। अगर एजुकेशनल से रिलेटेड आप का कोई सवाल है? तो भी आप कमेंट में पूछ सकते है।

विडियो के माध्यम से जाने :- 

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