मेटावर्स क्या है? Metaverse -2022 की Important जानकारी

मेटावर्स क्या है?  एक ऐसी वर्चुअल दुनिया जिस में हम अपने आइडेंटिटी के साथ, मौजमस्ती, गेमिंग, सोशल एक्टिविटीज, खरीददारी, जैसे सभी कम कर सकते है, जो हम वास्तव की दुनिया में करते है, बस इस का प्रारूप डिजिटल है, यहाँ सब कुछ डिजिटल है, यहाँ तक के आप खुद भी।

मेटावर्स क्या है इन हिंदी
मेटावर्स क्या है इन हिंदी

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम है संदीप और sandipdhore.com के माध्यम से मैं टेक्निकल और एजुकेशनल जानकारी देता हूँ। हम मेटावर्स क्या है? और इस का वास्तव में उद्देश्य क्या है? इस जानकारी को आसान तरीके से इस आर्टिकल में बताएँगे। ताकि आप metaverse kya hai के कांसेप्ट को अच्छे से समझ पायें।

अब सोचो, क्या यह मुमकिन है की, अमेरिका की पॉप सिंगर लोंस एंजेल्स में एक लाइव शो कर  रही है, और आप इंडिया से ही तुरंत उस लाइव शो में पहुचते है और झूमते- गाते शो का मजा उठाते है? क्या यह संभव है, हाँ बिलकुल, यह संभव है, क्यों की मेटावर्स ने इसे संभव कर दिया है।

अब मुझे लगता है की आप metaverse kya hai के बारें में जानने के लिए इच्छुक है, तो शुरू करते है और सब से पहले metaverse meaning in hindi के साथ मेटावर्स क्या है? यह जानते है।

मेटावर्स एक वर्चुअल वर्ल्ड है, जिसे web 3.0 टेक्निक, वर्चुअल रियलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन टेक्नीक के आधार से बनाया गया है। जहाँ हमारा डिजिटल रूप होगा जिसे अवतार कहते है।

दोस्तों, क्या आप ने कुछ साल पहले बनी एक हॉलीवुड फिल्म “अवतार” देखी है? अगर नही देखि तो जरुर देखे, उसमें मेटावर्स के कॉन्सेप्ट्स को काफी अच्छेसे एक्सप्लेन किया है।

मेटावर्स की शुरवात

मेटावर्स क्या है? इसे समझने के लिए हमें वाकई कई चीजों को समझना जरुरी है, जैसे इस का इतिहास क्या है और यह कैसे काम करता है जो इस तकनीक के परिष्कार पर निर्भर करता है?  मानव जीवन के लिए इस मेटावर्स अवधारणा की प्रासंगिकता कैसी है? इन सभी बातों को सही तरह से समझना आवश्यक है।

मेटावर्स क्या है इन हिंदी
मेटावर्स क्या है इन हिंदी

मेटावर्स क्या है?

मेटावर्स यह शब्द  दों शब्दों साथ आता है,  एक “मेटा” और दूसरा “यूनिवर्स”।   यह दो चीजें होंगी, अर्थात् “मेटा” जिसका अर्थ है ‘परे’ या ‘बाहर’, जबकि “यूनिवर्स” को ‘ब्रह्मांड’ के रूप में परिभाषित किया गया है। ये दोनों शब्द ग्रीक शब्दावली से आए हैं जिसका अर्थ है “ब्रह्मांड के बाहर” या “ब्रह्मांड से परे”।

मेटावर्स शब्द पहली बार 30 साल पहले, 1990 के दशक की शुरुआत में सटीक होने के लिए प्रकट हुआ था। उस समय, मेटावर्स को एक ऐसी विधि के रूप में माना जाता था जो मनुष्यों (समाज) को अवतारों की अवधारणा से जोड़ती थी जो कि प्रौद्योगिकी पर बहुत अधिक निर्भर थी।

पहली बार मेटावर्स शब्द का उपयोग किसने किया

दोस्तों,1992 में,  मेटावर्स शब्द का उपयोग पहली बार नील स्टीफेंसन के नोवेल Snow Crash में किया। इस उपन्यास में,  मेटावर्स में उन मनुष्यों के बारे में अवतार के रूप में बताता है जो 3D वर्चुअल स्पेस में अन्य अवतारों के साथ बातचीत कर सकते हैं। इस 3डी वर्चुअल स्पेस को वास्तविक दुनिया का रूपक या तुलना माना जाता है। विशिष्ट रूप से, उपन्यास यह भी बताता है कि 3D वर्चुअल स्पेस कैसे मौजूद है।

मेटावर्स के मुख्य आधार

  • वेब 3.0।
  • वर्चुअल रियलिटी (VR)।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)।
  • ब्लॉकचेन।

वेब 3.0 – Web 3.0 इंटरनेट का अगला वर्जन है जिसे हम डीसेंट्रलाइज्ड इन्टरनेट कहते है। इन्टरनेट पर किसी भी डेटा को स्टोर करने के लिए सर्वर का प्रयोग किया जाता है, लेकिन  Web 3.0 में डेटा सर्वर में स्टोर करने की आवश्यकता नही है, बल्कि यह डेटा अलग-अलग nodes में बटा होता है जो ब्लैकचैन में स्टोर होता है।

वर्चुअल रियलिटी (VR) –  सॉफ्टवेर की मदद से बनाया गया ऐसा कृत्रिम वातावरण जिसे users को असली होने जैसा अनुभव होता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी तकनीक है जिसका उद्देश्य मशीन या कंप्यूटर की समझ के लिए  एल्गोरिदम विकसित करना है जो खुद ही समझ कर कार्य कर सकें।

ब्लॉकचेन ब्लॉकचेन तकनीक को हम  जानकारी रिकॉर्ड करने की एक प्रणाली क तौर पर जानते है जो सिस्टम को बदलने, हैक करने या धोखा देने के लिए इसे बेहद मुश्किल या असंभव बना देती है।

इन चारों को मेटावर्स के आधार के तौर पर हम जान सकते है।

मेटावर्स क्या है इन हिंदी
मेटावर्स क्या है इन हिंदी

मेटावर्स में हम क्या-क्या कर सकते है?

दोस्तों, मेटावर्स आपको कई तरह का अनुभव प्रदान कर सकता है, जिसे बस आप अपने ख्यालों में सोचते है, उसे वास्तव में मेटावर्स में अनुभव कर सकते है।

मानों, इन्टरनेट के माध्यम से आप ने कई देशों में अपने दोस्त बनाएं है, जिन से वास्तव में मिल पाना आप के लिए असंभव है, तो ऐसे में आप मेटावर्स के जरियें उन दोस्तों को मिल सकते है, खेल सकते है, और उनके साथ घूम सकते है। मानो आप मेटावर्स में teleportation का अनुभव कर रहे है।

मेटावर्स में हम कई लोगों से जुड़ सकते है, दोस्त बना सकते है, उनके साथ घूम सकते है, शौपिंग कर सकते है, खेल सकते है, मेटावर्स में प्रोपर्टी खरीद सकते है। मुझे लगता है की, डिजिटल करेंसी के तौर पर हम क्रिप्टो का इस्तेमाल कर सकेंगे।

क्या Facebook का नाम बदलकर ‘Meta’ रख दिया गया है?

हाँ, हाल ही में Facebook ने अपना नाम बदलकर ‘Meta’ कर दिया है, ज्यों की फिलहाल backend में इस्तेमाल होगा और आगे चलकर front में आयेगा। इस को मैं अलग नजरिये से देखता हूँ।  फेसबुक का नाम बदलकर मेटा करने के कुछ पैलू हो सकते है। जिसे हम जानेंगे।

इस के लिए हमें 2014 में जाना होगा, 2014 में, Facebook ने हार्डवेयर और वर्चुअल रियलिटी (VR) प्लेटफॉर्म कंपनी Oculus का अधिग्रहण कर लिया था, जो मेटावर्स दुनिया के विकास में  महत्वपूर्ण अलग-अलग डिवाइस बनाती है, याने फेसबुक आगे चलकर मेटावर्स डिवाइस बनाएगी, जिसे वह चाहती है की मेटा प्रोडक्ट के रूप में पहचान मिले, इसलिए शायद Facebook का नाम बदलकर ‘Meta’ रख दिया गया है।

मेटावर्स  के कुछ उदाहरण

Roblox

2006 में, ऑनलाइन गेम प्लेटफॉर्म में से एक, Roblox ने ऐसे गेम पेश किए जो मेटावर्स  पर निर्भर करते हैं। खेल में, खिलाड़ी अपने खेल की दुनिया को अन्य खिलाड़ियों के साथ बना और साझा कर सकते हैं, जिससे ट्रेडों का निर्माण होता है। यह Roblox गेम डेवलपमेंट कंपनी रोल-प्लेइंग, रेसिंग से लेकर बाधा कोर्स गेम तक विभिन्न गेम शैलियों को भी प्रदान करती है।

बिटकॉइन

बिटकॉइन का अस्तित्व निश्चित रूप से मेटावर्स अवधारणा का हिस्सा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन में से एक है। बाद में, क्रिप्टो मुद्रा भी इस मेटावर्स में एक लेन-देन उपकरण बन जाएगी, जो जमीन, भवन, कपड़े खरीदने से लेकर अन्य अवतारों तक होगी।

Ready Player One

2011 में,  लेखक अर्नेस्ट क्लाइन ने अपने नये नावेल रेडी प्लेयर वन में  मेटावर्स की अवधारणा को प्रगट किया। इस नावेल में बताया गया की,  2045 में वास्तविकता एक बुरी जगह है जिससे मुख्य पात्र मेटावर्स में प्रवेश करेगा और दुनिया का अध्ययन करेगा।

इसी नावेल पर 2018 में एक हॉलीवुड फिल्म भी बनी है जिस का नाम Ready Player One ही है।

Decentraland

2015 में, Decentraland ब्रांड के तहत मेटावर्स प्लेटफार्मों में से एक को सफलतापूर्वक जारी किया गया था, जिसे एस्टेबन ऑरफानो और एरी माइलिच द्वारा विकसितकिया गया था। जिनकी आभासी दुनिया में कई संपत्तियां हैं जो निश्चित रूप से डिजिटल हैं। यहां तक ​​कि इस वीआर प्लेटफॉर्म के जरिए एनएफटी (नॉन-फंजिबल टोकन) की खरीदारी भी की जा सकती है।

पोकेमॉन गो

दुनिया में पोकेमॉन गो गेम के कई प्रशंसक हैं। पोकेमोन गो में आपको पोकेमोन इकट्ठा करने के लिए दूर दूर तक जाना होता है,  आप जानते हैं। यह गेम भी मेटावर्स प्लेटफार्मों पर जरी हुआ था। भले ही यह गेम फीका पड़ गया हो, लेकिन यह वास्तव में साबित करता है कि हमने गेमिंग उद्योग के माध्यम से मेटावर्स की अवधारणा को “चखा” है।

फोर्टनाइट

पोकेमॉन गो की तरह, फोर्टनाइट गेम भी मेटावर्स वर्ल्ड की थीम को कैरी करता है। दुर्भाग्य से, आप इस गेम को PlayStore या Appstore के माध्यम से डाउनलोड करके नहीं, बल्कि सीधे वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं।

एक्सी इन्फिनिटी

पोकेमॉन गो और फ़ोर्टनाइट के अलावा, एक गेम भी है जो 2018 में मेटावर्स वर्ल्ड की थीम को आगे बढ़ाता है, जिसका नाम है एक्सी इन्फिनिटी।

दो प्रौद्योगिकी कंपनियों के माध्यम से मेटावर्स विकास

2021 में, दुनिया की 2 प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों ने कहा कि वे एक मेटावर्स दुनिया विकसित कर रहे हैं। उनका नाम है माइक्रोसॉफ्ट और फेसबुक।

Microsoft मेश नामक एक प्लेटफ़ॉर्म जारी कर रहा है, जिसे कई उपकरणों पर आभासी सहयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस बीच फेसबुक ने मूल कंपनी का नाम बदलकर “मेटा” कर दिया है और इस मेटावर्स आभासी दुनिया को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहा है।

मेटावर्स कैसे काम करता है।

मेटावर्स की दुनिया में प्रवेश करना भी काफी आसान है। आप केवल लॉग इन करते हैं और प्रदान किए गए प्लेटफार्मों के साथ पंजीकरण करते हैं, उदाहरण के लिए Decentraland। यदि आप पहले से पंजीकृत हैं, तो अपने मौजूदा डिवाइस का उपयोग करके सीधे मेटावर्स में जा सकते है।

जैसा कि पहले बताया गया है, यह मेटावर्स आभासी दुनिया तब चल सकती है जब हम हेडफ़ोन, वर्चुअल रियलिटी ग्लास से लेकर इंटरनेट कनेक्शन तक विशेष उपकरणों का उपयोग करते हैं। इसके काम करने का तरीका भी लगभग वैसा ही है जब हम गेम खेलना चाहते हैं।

सबसे पहले, इनमें से कुछ विशेष उपकरणों को पहले से तैयार कर लें। यह न भूलें कि इंटरनेट नेटवर्क सुचारू होना चाहिए , ताकि आभासी दुनिया का आनंद लेते समय यह हकलाए नहीं। सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के रूप में उपकरण बाद में हमारे आंदोलनों, ध्वनियों और भाषा को समझेंगे। जब डिवाइस तैयार हो जाएगा, तो हम केवल आभासी दुनिया में प्रवेश करेंगे और वास्तविक दुनिया की तरह ही काम करेंगे, जैसे कि बातचीत करना, खरीदारी करना और लेन-देन करना और खरीदना।

पहले से बताए गए 2 उपकरणों के अलावा, अतिरिक्त उपकरण भी हैं जैसे हैप्टिक दस्ताने, रोबोटिक हाथ और वीआर धूप का चश्मा। इन उपकरणों की कीमत सीमा अपेक्षाकृत महंगी है, हां, अगर तकनीक और उच्च गुणवत्ता।

संबोधन

तो, यह थी मेटावर्स क्या है? और इसके विकास का इतिहास, metaverse meaning in hindi के साथ यह कैसे काम करता है,  इस की जानकारी। क्या आप भी डिवाइस की मदद से इस आभासी दुनिया में प्रवेश करने में रुचि रखते हैं? अगर हा तो हमें कमेंट्स में जरुर बताएं। और यह भी बताएं की आपको यह जानकारी कैसे लगी।

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