बोसॉन कण को क्यों कहाँ जाता है "ईश्वरीय कण" (God Particle)

हिंग्ग्स-बोसॉन इस उप-परमाणु कण को "ईश्वरीय कण" याने God Particle कहाँ जाता है।

लेकिन इस का किसी भी तरह से ईश्वरीय सम्बन्ध नही है, बोसॉन को "ईश्वरीय कण" की संज्ञा एक प्रकाशक द्वारा दी गयी है।

"ईश्वरीय कण" यह संज्ञा नोबल पुरस्कार विजेता लियोन लेडरमान की १९९३ में हिग्स कण और कण भौतिकी पर प्रकाशित पुस्तक से उत्पन्न हुआ। 

लियोन लेडरमान अपनी किताब का नाम "द गॉडडैम पार्टिकल : इफ द यूनिवर्स इस द आंसर, व्हाट इस द क्वेश्चन?" रखना चाह रहे थे।

लेकिन पुस्तक के प्रकाशक द्वारा "गॉडडैम पार्टिकल" की जगह पर "गॉड पार्टिकल" शब्द को सुनिश्चित किया गया और  किताब को प्रकाशित किया गया।

वैज्ञानिक मानते है ,"गॉड पार्टिकल" यह संकल्पना मीडिया द्वारा उत्पन्न एक सनसनीखेज़ अतिशयोक्ति है और पाठकों को गुमराह करती है।

इस कण का ईश्वर से कुछ लेना देना नहीं है, यह मौलिक भौतिकी में कईं खुले सवाल छोड़ देता है और ब्रह्मांड की परम उत्पत्ति की व्याख्या नहीं करता। 

यक़ीनन हिंग्ग्स-बोसॉन कण हमारे वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण खोज है, लेकिन यह उप-परमाणु कण अभी भी ब्रम्हांड के उत्पत्ति की व्याख्या नही करता।