क्वांटम कंप्यूटिंग में क्वांटम डिकॉरेन्स क्या है? 

क्वांटम कंप्यूटिंग में क्वांटम डिकॉरेन्स एक ऐसी स्थिति है जहाँ सिस्टम अपने क्वांटम गुण खो कर 0 या 1 गुणक पर वापस आ सकती है. जिसे क्वांटम डिकॉरेन्स कहाँ जाता है. 

इसे समझने लिए हमें क्वांटम कंप्यूटिंग और क्लासिकल कंप्यूटर की तुलनात्मक स्थिति की जाँच करने की आवश्यकता है. 

क्लासिकल कंप्यूटिंग के तुलना में क्वांटम कंप्यूटिंग काफी शक्तिशाली विकल्प प्रदान करने में सक्षम है. 

जो हमें सुपर कंप्यूटर से भी अधिक तेज गति के कार्य करने की अनुमति के साथ जटिलताओं का निकारण करने में सक्षमता प्रदान करता है. 

शास्त्रीय कंप्यूटिंग में जानकारी को बाइनरी प्रारूप बिट का इस्तेमाल डेटा संग्रहण के लिए किया जाता है, 0 या 1 की स्थिति में. 

लेकिन क्वांटम कंप्यूटिंग में क्वांटम कुबिट्स  के प्रयोग के साथ डेटा संग्रहित होता है, 0s या 1s की स्थिति में. 

यहाँ एक क्वांटम कुबिट्स का विकास भौतिक प्रणाली (एक प्रोटोन और एक इलेक्ट्रान) के साथ किया जाता है. 

ऐसे में इस अवस्था में एक कुबिट्स के व्यवहार को काफी संवेदनशील माना जाता है. जहाँ किसी नाजुक हस्तक्षेप से भी स्थिति बदल जाती है. 

और कुबिट्स अपने गुणों को खो सकते है, जिसेमें कुबिट्स अपनी  0s या 1s की स्थिति से 0 या 1 की स्थिति में बदल जायेंगे. 

और इसी स्थिति को क्वांटम डिकॉरेन्स कहाँ जाता है. 

इसलिए क्वांटम कंप्यूटिंग को गर्मी के प्रति अति संवेदनशील माना जाता है, और सिस्टम क्रेश ना हो इसलिए अधिकांश क्वांटम कंप्यूटरों को ठंडे मौसम में रखा जाता है. 

यह थी क्वांटम कंप्यूटिंग में क्वांटम डिकॉरेन्स क्या होता है इसकी जानकारी , पसंद आये तो शेयर जरुर करें, एजुकेशनल जानकारी के लिए हमारे पेज को फॉलो करें